सरल भाषा में क्रेडिट स्कोर को समझ जाए तो यह एक 3 अंकों की संख्या है जो 300-900 तक हो सकती है। यह संख्या आपके आर्थिक स्वास्थ्य को दर्शाती है, जहां ऊंची संख्या मतलब आप आर्थिक रूप से स्वस्थ हैं। इस संख्या की गणना आपने आज तक जितना ऋण लिया है, और उसे जिस तरह से चुकाया है, उस के आधार पर की जाती है। 

यह संख्या तब काम आती है जब आपको किसी भी तरह का ऋण लेना हो। ऋण देने वाली संस्था इस संख्या के आधार पर ये आँकती है की आप यह कर्जा लेने के लिए सक्षम हैं या नहीं। 

आम तौर पर हमें क्रेडिट स्कोर के बारे में कई बातें सुनने को मिलती हैं, और इनमें से कई बातों का सच्चाई में कोई आधार नहीं होता। तो आज इस लेख में हम ऐसे ही 11 मिथकों के बारे में जानेंगे, ताकि अगली बार ऋण की सहायता लेते समय आपके पास पूरी जानकारी हो, और आप बेहतर चुनाव कर पाएँ। 

1. क्रेडिट रिपोर्ट निकलवाने से क्रेडिट स्कोर खराब होता है 

यह एक मिथक है। कसाल में एक या ड बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट निकलवाना अपने क्रेडिट स्कोर के बारे में जानकारी रखने का याचा तरीका है और आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित नहीं करता। हालांकि इस बात का ध्यान रखें की अगर आप कई जगह ऋण लेने के लिए अर्जी डालते हैं, तो वह सारे संस्थान आपकी क्रेडिट रिपोर्ट निकालेंगे, और यह क्रेडिट स्कोर पर असर डाल सकते हैं। 

2. खराब क्रेडिट स्कोर कभी नहीं सुधरता 

क्रेडिट स्कोर आपके आर्थिक इतिहास का विवरण करता है, पर यदि किसी कारणवश आपका स्कोर खराब हो जाए तो इसका यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है की यह ताउम्र खराब ही रहेगा। समय के साथ आप अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं, बेहतर तरीके से ऋण चुका सकते हैं और अपने क्रेडिट स्कोर को ठीक कर सकते हैं। 

आम तौर पर आपके द्वारा किया गया कोई भी ट्रांसएक्शन आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में 3 साल तक रहता है। यदि आप कोई ऋण चुकाने में असक्षम रहे हैं, या दिवालियापन घोषित किया है, तो आपके क्रेडिट रिपोर्ट में यह 10 साल तक भी रह सकता है। फिर भी, सुधार का मौका रहता ही है। 

3. क्रेडिट स्कोर आपकी सालाना आय पर निर्भर करता है 

क्रेडिट स्कोर आपकी आय पर निर्भर नहीं करता। यदि किसी व्यक्ति की सालाना आय 5 लाख रूपये है, तो भी उसका क्रेडिट स्कोर 846 हो सकता है। दूसरी तरफ किसी की आय 10 लाख होने के बाद भी उसका कोई क्रेडिट स्कोर ना होना संभव है। क्रेडिट स्कोर मूलतः इस बात पर निर्भर करता है की आपने कितना ऋण लिया और उसे कैसे चुकाया। 

मान लीजिए की आपकी आय 12 लाख रूपये है, और आपने आज न कोई क्रेडिट कार्ड का उपयोग किया है, न ही कभी बैंक से ऋण लिया है, तो आपका कोई क्रेडिट स्कोर न होना संभव है। कम आय के बावजूद आप यदि क्रेडिट कार्ड का ठीक उपयोग करें और उसका बिल समय से भरें तो आपका अच्छा खासा क्रेडिट स्कोर बन सकता है। 

4. शादी के उपरांत पति और पत्नी का क्रेडिट स्कोर मिल जाता है 

जी नहीं। असल में क्रेडिट स्कोर का मिलने जैसा कुछ नहीं होता। आपकी वैवाहिक स्तिथि का क्रेडिट स्कोर से कोई लेना देना नहीं होता। यह केवल आपके अकेले के आर्थिक व्यवहार के आधार पर निर्धारित किया जाता है। यदि पति-पत्नी मिलकर अपना बैंक खाता भी खोल लें, तो भी उनके क्रेडिट स्कोर अलग ही रहेंगे। 

5. डेबिट कार्ड से क्रेडिट स्कोर बनता है 

तथ्य यह है की डेबिट कार्ड का उपयोग करने से न तो आपकी क्रेडिट रिपोर्ट और न ही आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई प्रभाव पड़ता है। डेबिट कार्ड से आप अपनी जमापूँजी को ही खर्च करते हैं, कोई ऋण नहीं लेते। इस वजह से डेबिट कार्ड द्वारा किया गया लेन देन आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज नहीं होता, और आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित नहीं करता। 

6. नए क्रेडिट कार्ड के लिए अर्जी डालने से क्रेडिट स्कोर को हानि पहुँचती है 

यदि आप नया क्रेडिट प्राप्त करने के लिए अर्जी डालते हैं, और एक ही संस्थान में ये आवेदन करते हैं, तो आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। पर कई जगह एक साथ अर्जी डालने से हर लेनदार आपकी क्रेडिट रिपोर्ट निकलवाएगा, और इतनी पूछताछ से आपके स्कोर पर प्रबहाव पड़ेगा, क्यूंकि ऐसा प्रतीत होगा की आपको वित्तीय शयतक की सख्त जरूरत है, और आपकी आर्थिक स्थिति खराब है। सरल शब्दों में कहा जाए, तो यदि आप ज्यादा जरूरतमन्द होंगे, तो लेनदार के लिए आपको ऋण देने में उतना ही जोखिम होगा। 

तो इसलिए आप जब भी नया क्रेडिट कार्ड लरण चाहें, सोच समझ कर एक ही जगह अर्जी डालें। 

7. क्रेडिट कार्ड बंद करने से क्रेडिट स्कोर बेहतर होगा 

यह बात सच है की क्रेडिट कार्ड भी एक प्रकार का ऋण है, मगर इसे बंद करने से आपके क्रेडिट स्कोर में कुछ बढ़ोतरी नहीं होती। उल्टा ऐसा प्रतीत होगा की आप अब ऋण संभालने के लिए सक्षम नहीं हैं। यदि आपके पास एक क्रेडिट कार्ड है, तो उसे समय समय पर उपयोग में लाना बेहतर है, छोटे मोटे खर्चों के लिए ही सही। 

8. वर्तमान में कर्ज चुका देने से पूर्व हिसाब रिपोर्ट से हटा दिया जाएगा 

ऐसा बिल्कुल मत मानिए की आज कोई कर्ज पूरा चुका दिया तो पहले का हिसाब भूल दिया जाएगा। जैसा की हुमने आपको बताया था, यदि आप कोई कर्ज समय से नहीं चूकते तो यह हिसाब आपके आर्थिक इतिहास का एक हिस्सा बन जाता है, और लगभग 7-10 सालों तक आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावती कर सकता है। 

निष्कर्ष 

यदि आप किसी भी प्रकार का ऋण लेना चाहते हैं तो आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होना चाहिए। क्रेडिट स्कोर यदि सही न हो तो आपको शायद उतना ऋण न मिले जितना आपको चाहिए, या फिर आपको ऋण अधिक ब्याज दरों पर प्राप्त हो। इसलिए ध्यान रखें कि ऋण को समय से चुकाना जरूरी है, और यदि किसी कारण से आपका स्कोर खराब हो जाए, तो उसे धीरे धीरे सुधार जा सकता है। क्रेडिट स्कोर को लेकर कई मिथक प्रचलित हैं, पर सही जानकारी से ही आप इसे ठीक कर सकते है।

Anil Sumra

Anil Sumra is a Digital Marketing Expert with more than 10 years of experience. He loves to write on various financial topics online to create financial awareness. He holds a bachelor’s degree in Finance & Management.

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